देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के मोरी तहसील अंतर्गत सावणी गांव में बीती रात आग लगने से नौ मकान पूूरी तरह जलकर खाक हो गये। साथ ही इस अग्निकांड में एक महिला की भी मौत हुई हुई है। सूचना मिलने पर राहत व बचाव दल मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, भोजन, कपड़े और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
मोरी तहसील मुख्यालय से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सावणी गांव में बीती रात आग लगने के चलते 9 मकान जलकर खाक हो गये। बताया जा रहा है कि यह सभी मकान देवदार और कैल की लकड़ी से बने थे, जिससे आग तेज भड़की और इन मकानों में रखा सारा सामान भी जलकर खाक हो गया है। वहीं आग में झुलसने से एक 76 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर राहत व बचाव दल की पहली टीम साढ़े तीन घंटे बाद सावणी पहुंची। लेकिन, उससे पहले गांव में मौजूद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर कुछ हद तक काबू पाया। रात तीन बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया।
बीती रात करीब नौ बजे किताब सिंह के मकान में आग लगी। लकड़ी के मकान होने के कारण आग विकराल होती गई। आग जब एक घर से दूसरे घर में फैलने लगी तो जखोल गांव के ग्रामीणों ने करीब 11 बजे जिला आपदा प्रबंधन व प्रशासन को इसकी सूचना दी। जिलाधिकारी डॉ. मेहराबन सिंह बिष्ट के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए चिकित्सा, पेयजल आदि विभागों को भी मौके पर पहुंचने के लिए निर्देश दिए गए। उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा ने बताया कि आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया है। राजस्व विभाग के साथ पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पशुपालन विभाग और वन विभाग मौके पर मौजूद है। गांव में कुल 9 मकान पूर्ण रूप से जल चुके है। जिसमें करीब 15—16 परिवार निवास करते थे। इसके अतिरिक्त 2 मकानों को आग से बचाने के लिए पूर्ण रूप से तोड़ा गया है। गांव बुझाने के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, फायर सर्विस नौगांव, राजस्व, वन विभाग, की टीम सहित उपजिलाधिकारी पुरोला गोपाल सिंह चौहान और तहसीलदार मोरी भी घटनास्थल पर उपस्थित थे।

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