
नई दिल्ली, 9 अगस्त। दिल्ली शराब घोटाले में 16 महीने से ज्यादा समय तक बंद मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दे दी है। मनीष सिसोदिया दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉ्ड्रिरंग मामलों जेल में बंद थे। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया। इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत तो दे दी है लेकिन इसमें कुछ शर्तें हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सिसोदिया को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, इसका मतलब सिसोदिया देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते। मनीष सिसोदिया को हर सोमवार को थाने में हाजिरी देनी होगी।
मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने जमानत का अनुरोध करते हुए तर्क दिया था कि वह 17 महीने से हिरासत में हैं और उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। ईडी और सीबीआई ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था।
प्रवर्तन निदेशालय ने न्यायालय के समक्ष दावा किया कि एजेंसी के पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सिसोदिया की गहरी संलिप्तता का प्रमाण देते हैं। सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था। सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।