बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर कोतवाली लालकुआं में प्रशासन और आन्दोलनकारियों की बैठक” राजस्व गांव की मांग पर आर-पार का मूड, प्रशासन और संघर्ष समिति आमने-सामने—शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एसडीएम और तहसीलदार कर रहे मंथन, कल 18 फरवरी की महारैली को लेकर तैयारियों पर चर्चा, प्रशासन ने दिए दिशा निर्देश।

रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआँ

लालकुआँ बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर कल प्रस्तावित 18 फरवरी की महारैली से पहले प्रशासन और बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति के बीच कोतवाली परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ आंदोलन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक को आंदोलन के लिहाज से बेहद निर्णायक माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है।

वही बैठक के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से कहा कि सभी को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से करने की अपील की।

इधर एसपी सिटी मनोज कत्याल ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और पुलिस हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।प्रशासन ने मांगी आंदोलन की पूरी रूपरेखा।

इधर उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने सभी पदाधिकारियों से आंदोलन के समय, रूट, जनसभा स्थल और ज्ञापन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी ली ताकि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे, इसके लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे।

इधर सघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंदन मेहता ने बताया कि बैठक में मौजूद संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारियों ने प्रशासन को बताया कि 18 फरवरी को सुबह 10 बजे शहीद स्मारक में हजारों लोग एकत्र होंगे, जहां जनसभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद विशाल रैली के रूप में तहसील कूच कर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

उन्होंने दो टूक कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना क्षेत्र की जनता का अधिकार है और जब तक अधिसूचना जारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल संघर्ष समिति आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी है।

तो वही प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन संपन्न कराने के लिए रणनीति बना रहा है। देखना कल होगा कि कितनी भीड़ इस आन्दोलन में शामिल होगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *