देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रेम सिंह खिमाल के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुँगराकोटी ने ड्रग विभाग के साथ मिलकर पटेलनगर क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त निरीक्षण किया। ‘सेफ ड्रग, सेफ लाइफ’ अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपस्थिति, कोल्ड स्टोरेज, एक्सपायरी दवाओं के निपटान, नारकोटिक्स ड्रग्स और बिक्री रिकॉर्ड आदि की गहन जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर एक स्टोर को तत्काल बंद कराया गया, जबकि अन्य को सुधार के सख्त निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ए-वन फार्मेसी पटेलनगर में फार्मासिस्ट प्रीति गोयल अनुपस्थित मिलीं। दुकान पर केवल 10वीं पास आशिष देवीलाल मौजूद थे, जिस पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। दो सीसीटीवी कैमरे थे, लेकिन फ्रिज का तापमान डिस्प्ले 17 डिग्री दिखा रहा था। तापमान डिस्प्ले ठीक कराने के आदेश दिए गए। फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी और अन्य खामियों के चलते दुकान को मौके पर ही सील कर दिया गया। ड्रग विभाग को शीघ्र स्पष्टीकरण सौंपने के निर्देश जारी किए गए।
इसी तरह खालसा मेडिकल स्टोर फार्मासिस्ट संदीप पाल मौजूद थे। दो सीसीटीवी कैमरे और फ्रिज में तापमान डिस्प्ले मिला। एक्सपायरी दवाओं का अलग स्टोरेज था। बिक्री बिलों की जांच हुई। नारकोटिक्स दवाएं नहीं बेची जा रही थीं। कफ सिरप को बाकी दवाओं से अलग रखा गया था। टीम ने साफ-सफाई सुधारने के निर्देश दिए।
महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के निकट, एमपीएस मेडिकोज में फार्मासिस्ट मनोज तिवारी उपस्थित थे। फ्रिज में तापमान डिस्प्ले और बिक्री बिल दिखाए गए। नारकोटिक्स दवाओं की बिक्री हो रही थी, साथ ही एक्सपायरी दवाओं का स्टोरेज मिला। खरीद-बिक्री रजिस्टर को व्यवस्थित करने के सख्त आदेश दिए गए। इसके अलवा ए-वन फार्मेसी फार्मासिस्ट अंजुम मौजूद थीं। फ्रिज में तापमान डिस्प्ले, तीन सीसीटीवी कैमरे और एक्सपायरी दवाओं का अलग स्टोरेज पाया गया। नारकोटिक्स तथा बिक्री बिलों के रजिस्टर/फाइल के साथ कंप्यूटर रिकॉर्ड भी दिखाया गया। टीम ने आवश्यक सुधार निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई स्टोरों में खामियां उजागर हुईं, जिस पर संबंधित दुकानदारों को तत्काल सुधार के आदेश दिए गए। प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
निरीक्षण टीम में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेन्द्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी और निधि रतूड़ी शामिल थीं।

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