जनपद चमोली की सीमांत नीति घाटी में आयोजित “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान 25 वर्षीय अनुराग रावत ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, साहस और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की। सेरेब्रल पाल्सी जैसी दिव्यांगता के बावजूद अनुराग ने लगभग 1 घंटा 45 मिनट में दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को प्रेरित किया।
31 मई से 2 जून तक आयोजित इस प्रतिष्ठित एडवेंचर स्पोर्ट्स आयोजन में अनुराग का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र रहा। मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचाई, सीमित ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बीच यह उपलब्धि हासिल की।

“सीमाओं से परे, घाटी से पार” थीम पर आधारित इस आयोजन में अनुराग ने यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। नीति घाटी के दुर्गम पहाड़ों और कठिन ट्रैक पर उनका प्रदर्शन प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।
अनुराग ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और लगातार स्वयं को नई चुनौतियों के लिए तैयार करते रहे हैं।
अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि जीवन में सफलता पाने के लिए शारीरिक सीमाओं से अधिक महत्वपूर्ण दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच होती है। उनका यह प्रदर्शन केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जीवन की चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
गौरतलब है कि सीमांत नीति घाटी में आयोजित “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। एडवेंचर स्पोर्ट्स के इस महाकुंभ में प्रतिभागियों ने साहस, उत्साह और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।