देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों और प्रस्तुतिकरणों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति तथा अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों से संबंधित बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित हों।

बैठक के दौरान टपकेश्वर मंदिर और गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों के साथ अलग से बैठक कर भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।

ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पंपिंग स्टेशन तथा सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया।

नगरीय क्षेत्रों में डेयरी अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग परियोजनाओं में देरी पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने पेयजल निगम को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

मसूरी क्षेत्र में कैमल बैक एसटीपी परियोजना की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। वहीं अर्केडिया जोन में प्रस्तावित एसटीपी परियोजना के लिए भूमि चिन्हीकरण और म्यूटेशन की प्रक्रिया लंबित रहने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को सात दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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